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हिंदी भाषा एवं गद्यांश — DSSSB TGT Section A (20 अंक)

संक्षिप्त परीक्षा-नोट्स। उदाहरण याद रखें; नियम लागू करना सीखें।


1. शब्दावली

  • शब्द मूल + प्रत्यय/उपसर्ग से याद करें (सु–, दुर्–, –ता, –त्व)।
  • समान दिखने वाले शब्द अलग करें: अभि / अभी; और / अोर (अशुद्ध)।
  • संदर्भ देखकर अर्थ चुनें — एक शब्द के कई अर्थ हो सकते हैं।
  • तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी — वर्गीकरण कभी-कभी पूछा जाता है।
  • दैनिक अभ्यास: 10 पर्याय + 10 विलोम + 5 मुहावरे।

2. व्याकरण

संज्ञा

व्यक्ति, वस्तु, भाव, स्थान का नाम।
भेद: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, समूहवाचक, द्रव्यवाचक।

सर्वनाम

संज्ञा के स्थान पर — मैं, तुम, वह, यह, जो, कौन, कोई, अपना।
अपना का प्रयोग कर्ता के अनुसार: राम अपना काम करता है।

विशेषण

संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता — गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक।
उदाहरण: सुंदर लड़की, पाँच पुस्तकें, थोड़ा दूध, मेरी किताब।

क्रिया

कार्य का बोध — सकर्मक / अकर्मक; मुख्य / सहायक।
उदाहरण: पढ़ना, सोना, है, था, करेगा।

काल

कालउदाहरण
वर्तमानवह पढ़ता है / पढ़ रहा है
भूतवह पढ़ता था / पढ़ रहा था / पढ़ चुका था
भविष्यवह पढ़ेगा / पढ़ने वाला है

लिंग

पुल्लिंग / स्त्रीलिंग। नियम याद रखें:

  • ई → इया (लड़का–लड़की अलग); नदी (स्त्री), पानी (पुं)।
  • विशेषण लिंग के अनुसार बदलता है: अच्छा लड़का / अच्छी लड़की।

वचन

एकवचन / बहुवचन।

  • आ → ए (लड़का–लड़के); ई → इयाँ (नदी–नदियाँ)।
  • क्रिया वचन से मेल खाए: लड़के खेलते हैं।

3. वाक्य शुद्धि

जाँच क्रम: लिंग–वचन–पुरुष → कारक चिह्न → काल → वर्तनी → क्रम।

अशुद्धशुद्ध
मैंने जाना हैमुझे जाना है / मैं जाता हूँ
आपके दर्शन करके खुशी हुईआपके दर्शन कर खुशी हुई (या: आपके दर्शन से…)
वह मुझको माराउसने मुझे मारा
मैंने एक फल खाया और पानी पिया (लिंग ध्यान)संदर्भ अनुसार सही क्रिया रूप
क्या आपने पुस्तक पढ़ लियाक्या आपने पुस्तक पढ़ ली (पुस्तक स्त्री)
कृपया आप बैठोकृपया आप बैठिए

अन्य बिंदु:

  • ने केवल कर्तृवाच्य भूतकाल सकर्मक में।
  • द्विरुक्ति / अनावश्यक शब्द हटाएँ: वापस लौटनालौटना
  • सही परसर्ग: को, से, में, पर, के लिए

4. पर्यायवाची (उदाहरण)

शब्दपर्याय
अग्निआग, पावक, ज्वाला
सूर्यरवि, दिनकर, भास्कर
पृथ्वीधरा, वसुंधरा, भूमि
जलपानी, नीर, तोय
वायुपवन, समीर, अनिल
कमलपंकज, नीरज, सरोज
सिंहशेर, मृगेंद्र, केसरी
अश्वघोड़ा, हय, तुरंग
नेत्रआँख, नयन, चक्षु
गृहघर, भवन, निकेतन

5. विलोम (उदाहरण)

शब्दविलोम
आशानिराशा
उदयअस्त
लाभहानि
दिनरात
सुखदुख
ज्ञानअज्ञान
सत्यअसत्य / झूठ
कठोरकोमल
आयातनिर्यात
उत्तीर्णअनुत्तीर्ण

6. मुहावरे (15 सामान्य — अर्थ सहित)

मुहावराअर्थ
आँखों का ताराअत्यंत प्रिय
कान भरनाशिकायत करना / उकसाना
पेट में चूहे दौड़नाबहुत भूखा होना
नाक में दम करनाबहुत तंग करना
सिर उठानाविद्रोह / विरोध करना
हाथ धो बैठनाखो देना / अवसर गँवाना
दूध का दूध पानी का पानीसत्य स्पष्ट करना
आसमान सिर पर उठानाबहुत शोर / हंगामा
छक्के छुड़ानाबुरी तरह हराना
गड़े मुर्दे उखाड़नापुरनी बातें फिर छेड़ना
लोहा लेनामुकाबला करना
मुँह की खानापराजित होना
राई का पहाड़ बनानाछोटी बात को बड़ा बनाना
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ चलना/दौड़ना
ईद का चाँद होनाबहुत दिनों बाद दिखना

7. गद्यांश — रणनीति

  1. पहले प्रश्न पढ़ें (क्या ढूँढना है)।
  2. गद्यांश एक बार तेज़ी से — मुख्य भाव / शीर्षक समझें।
  3. उत्तर केवल गद्यांश से; बाहर का ज्ञान न जोड़ें।
  4. शीर्षक पूरे अंश को समेटे — एक पंक्ति का विवरण न हो।
  5. शब्दार्थ: वाक्य में रखकर विकल्प जाँचें।
  6. निष्कर्ष प्रश्न: जो तार्किक रूप से निश्चित हो।
  7. लिंग–वचन वाले व्याकरण प्रश्न अलग से हल करें।
  8. समय: लंबे गद्यांश को अंत में भी रख सकते हैं।

परीक्षा आदत: मुहावरे + विलोम + वाक्य शुद्धि पहले करें; गद्यांश बाद में।